कार्ति चिदंबरम को सीबीआई मुंबई लेकर गई है। अफसरों की
मानें तो जांच एजेंसी आईएनएक्स मीडिया केस में कार्ति को पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। 28 फरवरी को लंदन से लौटते ही
चेन्नई एयरपोर्ट पर कार्ति को गिरफ्तार किया गया था। बाद में दिल्ली लाया
गया। आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तार कार्ति को पटियाला हाउस कोर्ट ने 1
मार्च को 5 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा था।
कोर्ट में हुई थी तल्ख बहस
– तुषार मेहता (एएसजी): कार्ति का 14 दिन का रिमांड चाहिए। रात को चेकअप के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गए थे। सीने में दर्द व बेचैनी के चलते रातभर आईसीयू में रहे। पूछताछ हो ही नहीं पाई।
– अभिषेक मनु सिंघवी (कार्ति के वकील): सीबीआई आधे-अधूरे फैक्ट रख रही है। रिमांड नहीं दे सकते।
– मेहता: जांच बाकी है। कार्ति के 3 मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आनी है। इंद्राणी के बयानों के तथ्यों की जांच करनी है।
– सिंघवी: केस मई 2017 में दर्ज हुआ था। अगस्त में 20 घंटे पूछताछ की गई। पिछले साल अगस्त के बाद कोई नोटिस नहीं भेजा। अब कुछ नहीं बचा।
– मेहता: हिरासत में पूछताछ करनी है। चेस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कार्ति की कंपनी है। पता करना है कि एडवांटेज स्टेटिक प्रा. लि. किसकी है। दोनों कंपनियों का बैलेंस चेक करना है।
– सिंघवी: सीबीआई की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। मैं 20-25 दिन से विदेश में था। चेन्नई में विमान से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। मद्रास हाईकोर्ट की इजाजत से विदेश गया। लौटते ही होली के गिफ्ट में गिरफ्तारी मिली।
– मेहता: बदले की भावना नहीं है। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।
– सिंघवी: आपके सवालों के जवाब तो अगस्त 2017 में ही दे दिए थे। अब वही सवाल पूछना धोखाधड़ी है। कुंभकर्ण 6 महीने में एक बार जागता है। जांच एजेंसी ने भी 6 माह पहले की पूछताछ के बाद एकाएक कार्ति को गिरफ्तार कर लिया।
– मेहता: केस में मोड़ तब आया, जब ईडी के छापे में हार्ड डिस्क मिली। इसमें इनवॉयस मिला। सीबीआई को आईएनएक्स के दफ्तर में छापे के दौरान उसी इनवॉयस की हार्ड कॉपी मिली थी।
कोर्ट ने कहा- जांच शुरुआती और नाजुक दौर में है। सीबीआई ने कई सबूत होने का दावा किया है, जिनकी जांच होने की जरूरत है। इस केस में बड़ी साजिश और 6 आरोपियों से आमना-सामना करवाना जरूरी है। जांच पूरी करने के लिए रिमांड जरूरी है।
क्या है INX मामला, कार्ति पर क्या हैं आरोप?
– मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी।
– कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर की रिश्वत मिली।
– इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ।
– कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।
सुबह-शाम वकील से मिल सकते हैं कार्ति
– कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को सीबीआई कस्टडी के दौरान सुबह और शाम 1-1 घंटे वकील से मिलने की इजाजत दी है। कस्टडी के दौरान वे डॉक्टर की सलाह पर दवाएं भी ले सकते हैं, लेकिन घर का खाना उन्हें नहीं दिया जा सकेगा।
पी चिदंबरम की क्या भूमिका थी?
– आईएनएक्स मामले में दर्ज एफआईआर में पी चिदंबरम का नाम नहीं है। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2007 की फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया में 4.62 करोड़ रुपए के फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी।
कोर्ट में हुई थी तल्ख बहस
– तुषार मेहता (एएसजी): कार्ति का 14 दिन का रिमांड चाहिए। रात को चेकअप के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गए थे। सीने में दर्द व बेचैनी के चलते रातभर आईसीयू में रहे। पूछताछ हो ही नहीं पाई।
– अभिषेक मनु सिंघवी (कार्ति के वकील): सीबीआई आधे-अधूरे फैक्ट रख रही है। रिमांड नहीं दे सकते।
– मेहता: जांच बाकी है। कार्ति के 3 मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आनी है। इंद्राणी के बयानों के तथ्यों की जांच करनी है।
– सिंघवी: केस मई 2017 में दर्ज हुआ था। अगस्त में 20 घंटे पूछताछ की गई। पिछले साल अगस्त के बाद कोई नोटिस नहीं भेजा। अब कुछ नहीं बचा।
– मेहता: हिरासत में पूछताछ करनी है। चेस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कार्ति की कंपनी है। पता करना है कि एडवांटेज स्टेटिक प्रा. लि. किसकी है। दोनों कंपनियों का बैलेंस चेक करना है।
– सिंघवी: सीबीआई की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। मैं 20-25 दिन से विदेश में था। चेन्नई में विमान से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। मद्रास हाईकोर्ट की इजाजत से विदेश गया। लौटते ही होली के गिफ्ट में गिरफ्तारी मिली।
– मेहता: बदले की भावना नहीं है। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।
– सिंघवी: आपके सवालों के जवाब तो अगस्त 2017 में ही दे दिए थे। अब वही सवाल पूछना धोखाधड़ी है। कुंभकर्ण 6 महीने में एक बार जागता है। जांच एजेंसी ने भी 6 माह पहले की पूछताछ के बाद एकाएक कार्ति को गिरफ्तार कर लिया।
– मेहता: केस में मोड़ तब आया, जब ईडी के छापे में हार्ड डिस्क मिली। इसमें इनवॉयस मिला। सीबीआई को आईएनएक्स के दफ्तर में छापे के दौरान उसी इनवॉयस की हार्ड कॉपी मिली थी।
कोर्ट ने कहा- जांच शुरुआती और नाजुक दौर में है। सीबीआई ने कई सबूत होने का दावा किया है, जिनकी जांच होने की जरूरत है। इस केस में बड़ी साजिश और 6 आरोपियों से आमना-सामना करवाना जरूरी है। जांच पूरी करने के लिए रिमांड जरूरी है।
क्या है INX मामला, कार्ति पर क्या हैं आरोप?
– मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी।
– कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर की रिश्वत मिली।
– इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ।
– कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।
सुबह-शाम वकील से मिल सकते हैं कार्ति
– कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को सीबीआई कस्टडी के दौरान सुबह और शाम 1-1 घंटे वकील से मिलने की इजाजत दी है। कस्टडी के दौरान वे डॉक्टर की सलाह पर दवाएं भी ले सकते हैं, लेकिन घर का खाना उन्हें नहीं दिया जा सकेगा।
पी चिदंबरम की क्या भूमिका थी?
– आईएनएक्स मामले में दर्ज एफआईआर में पी चिदंबरम का नाम नहीं है। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2007 की फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया में 4.62 करोड़ रुपए के फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी।

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