महालक्ष्मी को पुराणों एवं ग्रंथों में धन की देवी भी कहा
गया है, धन पाने की चाहत
रखने वाले भक्तगण उनका आशीष पाने के लिए हर संभव प्रयास करते है. यंहा आने वाला हर भक्त प्रसाद के रूप में माँ को पांच
कौड़िया अर्पित करता है और पांचवीं कौड़ी घर ले जाकर घर की तिजोरी में श्रद्धा पूर्वक
रख देता है.जानिए कहा है माँ का ये दरबार.

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