Wednesday, 28 February 2018

Whatsapp ने भारत में शुरू की UPI पेमेंट सर्विस

व्हाट्सएप ने भारत में एक नई भुगतान सुविधा की कोशिश शुरू कर दी है जो कि सार्वजनिक खातों को छोड़कर दूसरे व्हाट्सएप प्रयोक्ताओं को पैसे भेजने की अनुमति देगा। यह सुविधा बीटा में इस समय है, कंपनी की योजना से परिचित स्रोतों के मुताबिक, यह सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया है क्योंकि यह इस समय व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है। कंपनी कुछ समय के लिए भुगतान सुविधा के लिए समर्थन पर प्रदर्शन कर रही है, जो यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का लाभ ले सकती है और इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, और आईसीआईसीआई बैंक बीटा परीक्षक ने अब सेट अप किया है कि यह कार्यक्षमता लाइव है, व्हाट्सएप यूजर इंटरफेस में प्रदर्शित समर्थित बैंकों की एक बड़ी सूची के साथ।

 व्हाट्सएप ने हमारे देश में यूनिफाइड पेमेंट्स (यूपीआई) इंटरफेस आधारित पेमेंट्स सुविधा को शुरू किया है। व्हाट्सऐप में सहकर्मी से सहकर्मी भुगतान प्रणाली को मिक्स करने के लिए व्हाट्सएप ने यूपीआई की कार्यक्षमता का परीक्षण शुरू कर दिया है। आईओएस (2.18.21) और एंड्रॉइड (2.18.41) पर चुनिंदा व्हाट्सएप बीटा यूजर्स के लिए नई यूपीआई मिक्सिंग फीचर उपलब्ध है, जो कि भारत सरकार के यूपीआई मानक का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को भेजने और स्वीकार करने के लिए सक्षम बनाता है। इस नए फीचर को चैट विंडो में एक्सेस किया जा सकता है और विकल्प की अटैचमेंट सूची में गैलरी, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य जैसे अन्य विकल्पों के बगल में पाया जा सकता है। ऐसा लगता है कि व्हाट्सएप ने दुनिया के बाकी हिस्सों से पहले भारत में डिजिटल भुगतान सेवा शुरू की है। कुछ हफ्ते पहले, कंपनी ने ध्यान दिया था कि भारत में अपने ग्राहकों के साथ  वोडाफेस व्यवसाय, छोटे व्यापारों के लिए फ्री-टू-डाउनलोड एंड्रॉइड ऐप कैसे संपर्क में लाये।

इस फीचर्स को उपयोग करने के लिए पेमेंट्स विकल्प पर क्लिक करने के बाद, एक आवश्यकता विंडो बैंकों की एक सूची दिखाएगी। वहां से, यूपीआई के साथ जुड़ने के लिए उपयोगकर्ता अपने चुने हुए बैंक खाते का चयन कर सकते हैं। यदि आपने अभी तक यूपीआई भुगतान कार्यक्रम का इस्तेमाल नहीं किया है तो उन्हें एक सत्यापन पिन बनाना होगा। इसके अलावा, यदि आपके पास यूपीआई खाता नहीं है तो आपको यूपीआई ऐप या आपके बैंक की वेबसाइट से एक अकाउंट बनाना होगा। भारत में मंच पर सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या पर विचार करते हुए, भुगतान प्लेटफ़ॉर्म के अतिरिक्त भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा, नई सुविधा के साथ, उपयोगकर्ता तुरन्त व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे दो लोगों या बैंक खाते के बीच अपना पैसा स्थानांतरित कर सकते हैं। इसके अलावा, दोनों रिसीवर और प्रेषक को ऐप पर प्रभावी ढंग से संचालन के लिए व्हाट्सएप भुगतान सुविधा की आवश्यकता होगी।

चीन में शुरू हुई बगावत

चीन में एक जाने माने राजनीतिक टिप्पणीकार एवं एक प्रसिद्ध महिला कारोबारी ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई है. चीन के राष्ट्रपति Che-Jeanping साल 2012 में चीन के राष्‍ट्रपति चुने गए थे और वहां के नियम के मुताबिक उन्हें साल 2023 में पद छोड़ना होगा. लेकिन चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने संविधान से उस धारा को हटाने का प्रस्ताव दिया है जो किसी शख्‍स को राष्ट्रपति के सिर्फ दो कार्यकाल देती है. अगर यह प्रस्‍ताव पारित हो गया तो जिनपिंग चीन के स्थायी राष्ट्रपति हो जाएंगे. लेकिन अब चीन में इसके खिलाफ आवाज खड़ी हो रही है. क्या चाइना की जनता जाग गयी है या नही?
जानकारी के मुताबिक, टिप्पणीकार ने सांसदों को खुला पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे Che-Jeanping को अनिश्चितकाल तक सत्ता में बने रहने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को खारिज करें. इस प्रस्ताव के विरोध में लोकप्रिय Messaging एप Wechat पर बयान लिखे जा रहे हैं. सरकार संचालित ‘चाइना यूथ डेली’ के पूर्व संपादक ली दातोंग ने Wechat पर एक बयान में चीन की संसद के सदस्यों को लिखा कि कार्यकाल की सीमा खत्म करना ‘‘अराजकता के बीज बोने” जैसा होगा. ली ने स्थानीय समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘यदि देश के शीर्ष नेता के कार्यकाल की कोई समयसीमा नहीं होगी तो हम एक राजशाही शासन की ओर लौटेंगे.”क्या आने वाले समय मे नियम लागु होगा?.

                                शासन और प्रशासन में सुधारों की वकालत

सरकार में सुधारों की वकालत करने वाली एक व्यापारिक महिला Wang Ying ने कहा, “मेरी पीढ़ियों ने माओ को देखा है, वह युग समाप्त हो गया है. हम उस तरफ वापस कैसे जा सकते हैं?. उन्होंने हमें भी लिखा था कि कम्यूनिस्ट पार्टी का प्रस्ताव पूरी तरह सेअभिमानीऔरधारा के विपरीतहै. उन्होंने लिखा, “मुझे पता है कि सरकार कुछ भी करने की कोशिश करेगी और आम आदमी की आवाज पर ध्यान नहीं दिया जाएगा. लेकिन मैं एक चीनी नागरिक हूं और मेरे भागने जैंसी कोई योजना नहीं है.

यह मेरी मातृभूमि है. “नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के सूचना विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुले पत्र के बारे में नहीं पता है. इस आवाज़ ने चाइना के साथ ही साथ दुसरे देशों को इसके बारे मे पता चल गया हैं. सरकार का इसपर क्या रवैया होगा?. क्या इस आवाज़ को सरकार दवा कर पायेगी?, या जैसा सामान्य चल रहा है वैसा चलने देगी?.
 

 

कांची शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का हुआ निधन

कांची शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती बुधवार को कांचीपुरम के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया. वह बयासी वर्ष के थे . उन्हें diabetes थी. कांची विदूषक को सांस लेने मे बहुत तकलीफ  भी  होने लगी थी . उन्हें पिछले महीने चेन्नई के राम चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रिपोर्ट के अनुसार उनके Blood Sugar Level के स्तर में कमी आई थी . हालांकि, उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई थी. और उन्होंने सामान्य गतिविधियां भी शुरू कर दी थी. उन्होंने नवंबर, 2017 में नई दिल्ली का दौरा किया था.इन सभी के बावजूद उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था. वह कांची कामकोटी पीठम के 69 वें बिशप थे. उन्हें मार्च, 22, 1954 को Chanra shekharendra Sarawasati Swamigal  के उत्तराधिकारी के रूप में रखा गया था. कांचीपुरम में आज का दिन दुःख का है. और मठ के लिए चिंता की घरी भी है . अगर वह स्वस्थ थे, तो Sugar के स्तर इतनी कम कैसेहुई कि उनका देहांत हो गया?

कांची शंकराचार्य shankararaman की  हत्या के मामले में आरोपित  थे

आध्यात्मिक कांची को shankararaman के  हत्या के मामले में आरोपित ठहराया गया थे. shankararaman दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु के कंचिपुरम में वरधाराज परम मंदिर के प्रबंधक थे. उनकी हत्या मंदिर के परिसर मे  3 सितम्बर 2004 को कर दी गयी थी. तमिल साप्ताहिक नाकीकेन में खोजी पत्रकार धनसेकरन प्रकाश की रिपोर्ट से पता चलने के बाद Jayendra Saraswati और कांची मट्ट के  विजेंद्र सरस्वती ने आत्मसमर्पण किया जिसके साथ ही उन दोनों की गिरफ्तारी भी हुई. क्या उन्हें सजा दी गयी या नहीं?

  shankararaman ने कांची के संतों और कांची मठ के कामकाज के खिलाफ लगातार आरोप लगाते रहे है . उन्होंने आरोपों के साथ-साथ मठ को कई पत्र भी भेजे थे. Jayendra Saraswati को आंध्र प्रदेश में 11 नवंबर 2004 को दिवाली पर गिरफ्तार किया गया था. विजेंद्र को 10 जनवरी 2005 को मठ परिसर में गिरफ्तार किया गया था. इसलिए, मठ संत के लिए पहले से ही फाइलें खोली जा रही हैं. यहां तक कि वे हत्या की गतिविधियों में भी शामिल रहने की आशंका जताई गयी. अगर उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो उन पर भी कुछ प्रश्न चिह्न पूछा जायेगा?

सबसे पहले तो हमे ये प्राथना करनी चाहए की कांची शंकराचार्य की आत्मा को शांति मिले. उन्होंने Matt के लिए जितने भी अभूतपूर्व कार्य किये है उनके लिए. उन्होंने जितने सारे काम Matt के लिए किये हैं Matt उनका पुरे जीवनकाल के लिए आभारी रहेगा.