चीन में एक जाने माने राजनीतिक टिप्पणीकार एवं एक प्रसिद्ध महिला कारोबारी
ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई है. चीन के राष्ट्रपति Che-Jeanping साल
2012 में चीन के राष्ट्रपति चुने गए थे और वहां के नियम के मुताबिक
उन्हें साल 2023 में पद छोड़ना होगा. लेकिन चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट
पार्टी ने संविधान से उस धारा को हटाने का प्रस्ताव दिया है जो किसी शख्स
को राष्ट्रपति के सिर्फ दो कार्यकाल देती है. अगर यह प्रस्ताव पारित हो
गया तो जिनपिंग चीन के स्थायी राष्ट्रपति हो जाएंगे. लेकिन अब चीन में इसके
खिलाफ आवाज खड़ी हो रही है. क्या चाइना की जनता जाग गयी है या नही?
जानकारी के मुताबिक, टिप्पणीकार ने सांसदों को खुला पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे Che-Jeanping को अनिश्चितकाल तक सत्ता में बने रहने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को खारिज करें. इस प्रस्ताव के विरोध में लोकप्रिय Messaging एप Wechat पर बयान लिखे जा रहे हैं. सरकार संचालित ‘चाइना यूथ डेली’ के पूर्व संपादक ली दातोंग ने Wechat पर एक बयान में चीन की संसद के सदस्यों को लिखा कि कार्यकाल की सीमा खत्म करना ‘‘अराजकता के बीज बोने” जैसा होगा. ली ने स्थानीय समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘यदि देश के शीर्ष नेता के कार्यकाल की कोई समयसीमा नहीं होगी तो हम एक राजशाही शासन की ओर लौटेंगे.”क्या आने वाले समय मे नियम लागु होगा?.
जानकारी के मुताबिक, टिप्पणीकार ने सांसदों को खुला पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे Che-Jeanping को अनिश्चितकाल तक सत्ता में बने रहने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को खारिज करें. इस प्रस्ताव के विरोध में लोकप्रिय Messaging एप Wechat पर बयान लिखे जा रहे हैं. सरकार संचालित ‘चाइना यूथ डेली’ के पूर्व संपादक ली दातोंग ने Wechat पर एक बयान में चीन की संसद के सदस्यों को लिखा कि कार्यकाल की सीमा खत्म करना ‘‘अराजकता के बीज बोने” जैसा होगा. ली ने स्थानीय समाचार एजेंसी से कहा, ‘‘यदि देश के शीर्ष नेता के कार्यकाल की कोई समयसीमा नहीं होगी तो हम एक राजशाही शासन की ओर लौटेंगे.”क्या आने वाले समय मे नियम लागु होगा?.
शासन और प्रशासन में सुधारों की वकालत
सरकार में सुधारों की वकालत करने वाली एक व्यापारिक महिला Wang Ying ने कहा, “मेरी पीढ़ियों ने माओ को देखा है, वह युग समाप्त हो गया है. हम उस तरफ वापस कैसे जा सकते हैं?. उन्होंने हमें भी लिखा था कि कम्यूनिस्ट पार्टी का प्रस्ताव पूरी तरह से “अभिमानी ” और “धारा के विपरीत” है. उन्होंने लिखा, “मुझे पता है कि सरकार कुछ भी करने की कोशिश करेगी और आम आदमी की आवाज पर ध्यान नहीं दिया जाएगा. लेकिन मैं एक चीनी नागरिक हूं और मेरे भागने जैंसी कोई योजना नहीं है.
यह मेरी मातृभूमि है. “नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के सूचना विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुले पत्र के बारे में नहीं पता है. इस आवाज़ ने चाइना के साथ ही साथ दुसरे देशों को इसके बारे मे पता चल गया हैं. सरकार का इसपर क्या रवैया होगा?. क्या इस आवाज़ को सरकार दवा कर पायेगी?, या जैसा सामान्य चल रहा है वैसा चलने देगी?.

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